🕉️ॐ और सोहम - एक गृहस्थ व्यक्ति को कौन-सा मंत्र जप करना चाहिए?
हर हर महादेव 🙏 प्रिय पाठकों, कैसे है आप लोग,आशा करते हैं कि आप स्वस्थ और प्रसन्नचित होंगे।
मित्रों! अक्सर जब कोई व्यक्ति मंत्र जप की बात करता है, तो पहला प्रश्न यही होता है - “मैं गृहस्थ हूँ, परिवार और जिम्मेदारियाँ हैं, तो कौन-सा मंत्र मेरे लिए सही रहेगा?” क्योंकि हर मंत्र का उद्देश्य एक-सा नहीं होता। कुछ मंत्र मन को शांत करते हैं, कुछ भीतर गहराई तक ले जाते हैं, और कुछ जीवन से धीरे-धीरे विरक्ति भी ला सकते हैं। इसलिए ॐ और सोऽहम जैसे मंत्रों को- सिर्फ सुना हुआ या प्रचलन में देखकर जपना उचित नहीं होता। आइए इन्हें सरल भाषा में, दैनिक जीवन को ध्यान में रखते हुए” समझते हैं। ताकि गृहस्थ जीवन में भ्रम नहीं, स्पष्टता आए।
ॐ और सोहम - दोनों ही अत्यंत प्राचीन, शक्तिशाली और सुरक्षित मंत्र हैं।
लेकिन इनका स्वभाव, प्रभाव और साधना का उद्देश्य थोड़ा अलग है।
इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि कौन-सा मंत्र किसके लिए अधिक उपयुक्त है।
🕉️ॐ मंत्र का प्रभाव ॐ को सभी मंत्रों की जड़ माना गया है। यह कोई साधारण शब्द नहीं, बल्कि पूरा ब्रह्मांडीय नाद है।
🕉️ॐ जप मन को शांति देता है नकारात्मक विचारों को शांत करता है चित्त को स्थिर करता है ईश्वर से जुड़ने की भावना बढ़ाता है ध्यान और पूजा में एकाग्रता लाता है ॐ का जप करने से मन धीरे-धीरे बाहर की उलझनों से हटकर भीतर की शांति की ओर जाता है। ॐ मंत्र संतुलन और शांति का मंत्र है।
👉सोहम मंत्र का प्रभाव सोहम का अर्थ होता है - “वह मैं हूँ” अर्थात आत्मा और परमात्मा एक ही हैं। यह मंत्र प्रायः श्वास-प्रश्वास के साथ जपा जाता है:
सांस अंदर जाए — सो
सांस बाहर जाए — हम
👉सोहम जप के प्रभाव से आत्मचिंतन बढ़ाता है “मैं कौन हूँ?” इस प्रश्न की ओर ले जाता है अहंकार को धीरे-धीरे ढीला करता है ध्यान को गहरा बनाता है
👉सोहम मंत्र ज्ञान और वैराग्य की ओर ले जाने वाला मंत्र है।
👉गृहस्थ व्यक्ति के लिए ॐ मंत्र अधिक उपयुक्त है क्योंकि: गृहस्थ के जीवन में परिवार, काम, जिम्मेदारियाँ और समाज जुड़े होते हैं उसे शांति, संतुलन और स्थिर मन की अधिक आवश्यकता होती है
🕉️ॐ मंत्र जीवन से अलग नहीं करता, बल्कि जीवन के बीच शांति देता है ॐ मंत्र जपने से व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियाँ निभाते हुए भी ईश्वर से जुड़ा रह सकता है।
👉सोहम मंत्र किसके लिए अधिक उपयुक्त है? सोहम मंत्र उन लोगों के लिए अधिक उपयुक्त है जो ध्यान में गहराई चाहते हो वैराग्य की ओर बढ़ रहे साधकों के लिए अंतर्मुखी साधना करने वालों के लिए गृहस्थ यदि सोहम जप करे भी, तो उसे बहुत सहज और सीमित रूप में करना चाहिए। क्या दोनों मंत्र जप सकते हैं? हाँ, लेकिन सही क्रम में। सरल और सुरक्षित तरीका....
👉सुबह या पूजा में — ॐ जप
ध्यान के समय या शांत अवस्था में — सोहम को श्वास के साथ महसूस करें, ज़ोर से जप न करें इससे संतुलन बना रहता है। संक्षेप में ..
🕉️ॐ मंत्र — शांति, संतुलन और ईश्वर से जुड़ाव
👉सोहम मंत्र — आत्मबोध और गहरी साधना
👉गृहस्थ के लिए ॐ मंत्र सर्वोत्तम है अब अंत में एक बात स्वयं से पूछिए - क्या आप जीवन से भागना चाहते हैं या जीवन में रहते हुए मन को शांत और संतुलित बनाना चाहते हैं? यदि आपका उद्देश्य शांति, स्थिरता और कर्तव्यों के साथ आगे बढ़ना है, तो ॐ मंत्र आपके लिए एक सुरक्षित और सहज मार्ग है। और यदि कभी ध्यान करते समय - आप श्वास के साथ “सोऽहम” का भाव अनुभव करते हैं, तो उससे डरिए नहीं 'बस समझ के साथ करिए।
याद रखिए,
साधना का उद्देश्य संसार छोड़ना नहीं, बल्कि संसार में रहते हुए स्वयं को समझना है।
धन्यवाद
हर हर महादेव 🙏

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